चारधाम यात्रा में अराजकता बर्दाश्त नहीं: कर्णप्रयाग प्रकरण पर सीएम धामी सख्त, भ्रामक पोस्ट करने वालों पर DGP की टेढ़ी नजर

चारधाम यात्रा में अराजकता बर्दाश्त नहीं: कर्णप्रयाग प्रकरण पर सीएम धामी सख्त, भ्रामक पोस्ट करने वालों पर DGP की टेढ़ी नजर

No tolerance for chaos during the Char Dham Yatra

No tolerance for chaos during the Char Dham Yatra

देहरादून। No tolerance for chaos during the Char Dham Yatra, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि यात्रा में किसी भी प्रकार की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्णप्रयाग प्रकरण पर उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पार्टी के प्रकोष्ठों की बैठक में भी कर्णप्रयाग प्रकरण पर सरकार का रवैया स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष तरीके से जांच की जा रही है।

चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पूरी तरह सुचारू रूप से संचालित हो रही है। सभी व्यवस्थाएं व्यवस्थित हैं और श्रद्धालुओं का देवभूमि में स्वागत है।

उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

वहीं, कर्णप्रयाग व नगरासू घटना को लेकर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट मीडिया पर भड़काऊ, भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से धार्मिक यात्राओं के दौरान प्रदेश की परंपराओं, रीति-रिवाजों और जनभावनाओं का सम्मान करने की अपील की है।

डीजीपी सेठ ने कहा कि कर्णप्रयाग और नगरासू में हुए घटनाक्रम का पुलिस एवं प्रशासन ने धैर्य, संयम और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से सफलतापूर्वक निस्तारण किया।

स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही, लेकिन इसके बावजूद कुछ व्यक्तियों द्वारा अमर्यादित भाषा और आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने के मामले सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को पुलिस ने गंभीरता से लिया है और संबंधित अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

डीजीपी ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि वे उत्तराखंड की धार्मिक परंपराओं, सांस्कृतिक मान्यताओं और स्थानीय रीति-रिवाजों का सम्मान करते हुए यात्रा संपन्न करें।

उन्होंने कहा कि ऐसा कोई आचरण या टिप्पणी न करें, जिससे जनभावनाएं आहत हों या सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो।